Gulzar Shayari | Gulzar ki Shayari in Hindi

Gulzar Shayari | Gulzar ki Shayari in Hindi

Gulzar ki Shayari in Hindi

वो एक दिन एक अजनबी को मेरी कहानी सुना रहा था

Gulzar ki Shayari in Hindi

जुल्फों में फंसी हुई, खोल देंगे बालियां
कान खिंच जाएँ अगर, खाले मीठी गालियां

Gulzar ki Shayari in Hindi

तिनका तिनका कांटे तोड़े, सारी रात कटाई की क्यों इतनी लंबी होती है, चांदनी रात जुदाई की

Gulzar ki Shayari in Hindi

Gulzar ki Shayari in Hindi

जीने के लिए सोचा ही नहीं दर्द संभालने होंगे, मुस्कुराए तो मुस्कुराने के कर्ज उतारने होंगे

Gulzar ki Shayari in Hindi

Gulzar ki Shayari in Hindi

आग में क्या – क्या जला है शब भर कितनी खुश रंग दिखाई दी है

Gulzar ki Shayari in Hindi

Gulzar ki Shayari in Hindi

दर्द हल्का है सांस भारी है जिए जाने की रस्म में जारी है

Gulzar ki Shayari in Hindi

Gulzar ki Shayari in Hindi

हमने अक्सर तुम्हारी राहों में रुक रुक कर अपना ही इंतजार किया

Gulzar ki Shayari in Hindi

Gulzar ki Shayari in Hindi

दिल पर दस्तक देने कौन आ निकला किसकी आहट सुनता हूं वीराने में

Gulzar ki Shayari in Hindi

Gulzar ki Shayari in Hindi

अनमोल नहीं लेकिन फिर भी पूछ तो मुफ्त का मोल कभी

Gulzar ki Shayari in Hindi

उसी का ही इमां बदल गया है कभी जो मेरा खुद आ रहा था

Gulzar ki Shayari in Hindi (70)

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